Friday, February 23, 2024
HomeLatest Newsअनलाक-1 में पहली बार मनाया प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित अभियान

अनलाक-1 में पहली बार मनाया प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित अभियान

स्वास्थ्य परीक्षण संग कोरोना बचाव के दिए टिप्स

गुड़, अंकुरित चना, बाजरे की रोटी एवं हरी सब्जियों खाएं और सेहत बनाएँ

औरैया, 09 जून 2020।

कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए एहतियातन स्थगित की गयीं स्वास्थ्य सेवाओं को एक बार फिर से बहाल किया जा रहा है । इसी क्रम में मंगलवार को जनपद की सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) का आयोजन किया गया । इसमें गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। हीमोग्लोबिन, शुगर, एचआईवी, ब्लड प्रेशर समेत कई जांचें निःशुल्क हुईं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान भारत सरकार की एक पहल है, जिसके तहत हर महीने की 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं की पूर्ण जाँच की जाती है। उन्होंने बताया गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को आयरन से भरपूर आहार जो घरों में भी आसानी से प्राप्त हो सकें जैसे गुड़, अंकुरित चना, बाजरे की रोटी एवं हरी सब्जियों आदि का सेवन करना चाहिए साथ ही आयरन की गोली नियमित समय पर खानी चाहिए, जिससे शरीर में खून की मात्रा बढ़ सके।

जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक (डीसीपीएम) अजय बताते हैं कि प्रत्येक महीने की नौ तारीख को जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच की सुविधा उपलब्ध करायी जाती है, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते इसे स्थगित कर दिया गया था। एक बार फिर से इसकी शुरूआत हो गई है।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहार के चिकित्सा अधीक्षक डॉ राकेश सिंह ने बताया कि कुल 34 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई, जिनमे से छह महिलाओं को उच्च जोखिम वाली गर्भवस्था में रखा गया है। साथ ही कोरोना से बचाव के लिए उपयोगी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि जिन छह महिलाओं में जोखिम की संभावना मिली उनके मातृत्व एवं शिशु सुरक्षा कार्ड पर लाल रंग की बिंदी/एचआरपी (हाई रिस्क प्वाइंट) मोहर लगाकर चिन्हित किया गया। साथ ही महिलाओं को फल बांटकर स्वस्थ रहने के टिप्स दिए।

मातृ स्वास्थ्य के जनपदीय सलाहकार अखिलेश कुमार ने बताया कि उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं को तीन आधार पर पहचाना जाता है। पहला पूर्व में प्रसव की जाँचों के रिकॉर्ड के आधार पर, दूसरा गर्भावस्था में जटिलताओं गंभीर परिस्थितियों के आधार पर और तीसरा चिकित्सीय स्थिति जैसे ब्लडप्रेशर, लीवर आदि से संबन्धित बीमारियों के आधार पर पहचान की जाती है।

उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था है क्या?-

उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था वह अवस्था है जिसमें माँ या उसके भ्रूण के स्वास्थ्य या जीवन को खतरा होता है। किसी भी गर्भावस्था में जहाँ जटिलताओं की संभावना अधिक होती है उस गर्भावस्था को हाई रिस्क प्रेगनेंसी या उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था में रखा जाता है। इस तरह की गर्भावस्था को प्रशिक्षित चिकित्सकों की विशिष्ट देखभाल की आवश्यकता होती है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular