प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) कानपुर नगर ग्रामीण जिला अध्यक्ष विनोद कुमार प्रजापति का मानना है कि कोरोना संक्रमण के भय से प्रधान मंत्री मोदी द्वारा 22 मार्च 2020 को ताली व थाली बजवाकर लाकडाउन बहुत ही जल्द बाजी मे लगाया गया जिसमे अचानक ट्रेनो, बसो का आवागमन बन्द कर दिया गया। करोडो बेरोजगार दिहाड़ी, प्रवासी मजदूर हजारो किलो मीटर भूखे प्यासे अपने -अपने घरो तक पहुचे जो अजादी से आज तक कभी नही हुआ शायद इस देश मे समाज सेवी आगे नही आये होते तो लाखो प्रवासी शहीद हो गये होते पूरा देश इस समय अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा है। जिला अध्यक्ष विनोद कुमार प्रजापति का कहना है समाज का कमोबेश हर तबका व्यक्ति निराशा का सामना कर रहा है। गरीब भुखमरी का शिकार है। मजदूरो की रोजी- रोटी छिन गयी है। लाकडाउन से उपजी परिस्थितिया सब्जी, फल, दूध उत्पादक मुर्गी पालक , मछली पालक लघु पालक एवं अन्न दाता किशान भयानक आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है इस आपदा से छोटे व मध्यम व्यवसायी बुरी तरह से प्रभावित है। रोजाना कमाई कर परिवार का भरण -पोषण करने वाले रेहणी-पटरी व ठेले वाले के सामने भी रोजी- रेटी का भयानक संकट आ खडा हुआ है। कोरोना संक्रमण के दौरान अन्तरराष्ट्रीय बाजार मे घटते कच्चे तेल के दाम के बावजूद भारतीय बाजार मे तेल की कीमते न सिर्फ यथावत रही है। वल्कि पिछले आज 45 दिनो से लगातार पेट्रोल,डीजल की कीमतों मे भारी बढ़ोत्तरी केंद्र सरकार द्वारा पहली बार की जा रही है जो कई राज्यो मे डीजल-पेट्रोल से भी महंगा बिक रहा है। एेसे कठिन दौर मे सरकार द्वारा की जा रही बढ़ोत्तरी अमानवीय है व अलोकतांत्रिक है डीजल की वृध्दि का सीधा असर आम जनमानस पर पडता है क्यो कि इससे हर तरह की लागत मे वृध्दि होती है और जरूरत की हर चीजे महंगी होती है। कोरोना संक्रमण के दौरान आम जनमानस बेरोजगार हो चुका है लाकडाउन के दौरान विधालय बन्द है छात्र -छात्राओ की फीस का दबाव अभिवावको पर डाला जा रहा है।इस दौरान परिवार चलाना एक बडी समस्या से जुझना है राज्य सरकार द्वारा भारी तादाद मे बिधुत बिल, हाउस टैक्स,जल कल टैक्स बढाकर दोगुना कर दिया गया है। उधोग धन्धे बन्द हो चुके है या बन्दी के कगार पर है। जब कि कोरोना संक्रमण महामारी के दौरान केंद्र सरकार व राज्य सरकारो को जनहित मे चाहिऎ कि बिधुत बिल, करनिरधारण, जलकर भुगतान मे छूट देनी चाहिये बेरोजगारो व किसान परिवारो को परिवार के भरण पोषण के लिए दस हजार रूपया प्रति माह देना चाहिये था। पेट्रोल- डीजल मे छूट देनी चाहिये सभी विधालयो की फीस माफ कर देना चाहिये जिससे आम जन मानस को राहत मिले कोरोना संक्रमण काल मे बेरोजगारी के कारण घरेलू हिंसा,आत्म हत्यायें, चोरी, डकैती, अपहरण, हत्याये, धोखाधडी, भ्रष्टाचार की घटनाओ मे अचानक बाढ सी आ गयी है जो समाचार पत्रो मे देखा व पढा जा सकता है। सरकारी अस्पतालों मे कोरोना संक्रमितो की बडी तादाद संख्या बढी है।ऎसी स्थति मे होम कोरोटाईन की सुविधा देने की जरूरत है प्राथमिक स्वास्थय केंद्र सरकारी एम्बुलेन्स के माध्यम से गाँव- मोहल्ले मे बिमार लोगो को निशुल्क दवाईया चिकित्सीय सुबिधाऎ उपल्बध करायी जानी चाहिऎ जिससे स्वास्थय केंद्रों पर दबाव कम होगा कोरोना संक्रमित मरीज जल्द स्वास्थय होगे। आज ऎसे समय पर स्वास्थय कर्मचारी, डाक्टर, पुलिस कर्मी निष्ठा के साथ अपने घर परिवार की परवाह किये बिना निस्वार्थ भाव से जन सेवा कर रहे है। यह भी सही है कि हमारे देश के प्रधान मंत्री मोदी व मुख्य मंत्री योगी निस्वार्थ भाव से देश सेवा करना चाहते है किन्तु मंत्री मण्डल व अधिकारी भ्रष्टाचार मे मस्त है। में केंद्र व राज्य सरकार से जनहित मे अपेक्षा करता हूँ कि शीघ्र रोजगार क्षेत्र मे कागजों पर नही धरातल पर काम करने की जरूरत है।
आज कोरोना रूपी महामारी से भारत देश ही नही पूरा विश्व लड रहा है
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