Friday, February 23, 2024
HomeLatest Newsफूलों और औषधीय पौधे की खेती से सुनहरा भविष्य

फूलों और औषधीय पौधे की खेती से सुनहरा भविष्य

एसेंशियल आयल एसोसिएशन ऑफ इंडिया, एसोसिएशन ऑफ केमिस्ट्री टीचर्स, जीएसआरएम मेमोरियल कॉलेज लखनऊ के सयुंक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन मीडिया प्रभारी डॉ अर्चना दीक्षित ने अवगत कराया कि मुख्य वक्ता डॉ रोहित सेठ ने एरोमा में बेहतर भविष्य है कोविड में भी इसकी इसकी महत्ता दिखाई दी। पौधों और जड़ी बूटियों जैसे हल्दी, अदरक, तुलसी के पत्ते, पुदीना और दालचीनी आमतौर पर भारतीय व्यंजनों में उपयोग किए जाते हैं और वे कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं। इनसे कोल्ड और फ्लू, तनाव से राहत, बेहतर पाचन, मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली ,को मजबूत कर रहे। डॉ शक्ति विनय शुक्ला निर्देशक कन्नौज ने अगरबत्तियां कैसे बनाएंगे और इसको बतौर स्वरोजगार का बेहतर विकल्प बना सकते। डॉ ज्योति मारवाहा फ्लेवर एंड फ्रेग्रेन्स में रोजगार भविष्य अत्यधिक हैं। हम कोई भी चीज़ लज्जतदार बनाने के लिए तरह तरह के फ्लेवर बाज़ार में लाये जा रहे।पिपरमेंट और भी बहुत से वनस्पतियों की खेती फूलों की खेती आय का साधन बनाया जाना चाहिए। कार्यशाला का संचालन डॉ सुनील कु भगत , धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुधा जैन, डॉ श्रद्धा सिन्हा सेशन के अध्यक्ष डॉ एसपी सिंह तथा इसको संपन्न कराने में डॉ सीमा जोशी डॉ रेनू सेठ, डॉ मीत डॉ अलका तांगड़ी, डॉ वंदना, डॉ रंजीत श्रीवास्तव, डॉ मनीष मिश्र का विशेष सहयोग रहा। प्रांत से 300 ने भाग लिया।

RELATED ARTICLES

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular