Tuesday, July 23, 2024
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मौलिक कर्तव्यों की अवधारणा और वर्तमान में उनकी प्रासंगिकता

रासायन विज्ञान विभाग डीजी कॉलेज कानपुर द्वारा दो दिवसीय वेबिनार विषय हमारा जीवन हमारे अधिकार पर दूसरे दिन डॉ संजीव कुमार अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट ने अवगत कराया कि प्राकृतिक अधिकार वे हैं जो किसी विशेष संस्कृति या सरकार के नियमों या रिवाजों पर निर्भर नहीं होते, अतः सार्वभौमिक और अविच्छेद्य होते हैं (अर्थात्, वे अधिकार जो मानवीय नियमों द्वारा निरसित या निरुद्ध नहीं कियें जा सकते)।·कानूनी अधिकार कानूनी तौर पर गारंटी वाली शक्तियों को कानूनी संस्था के पास उपलब्ध कराने के लिए या उसके संपूर्ण विश्व के खिलाफ कानूनी और कानूनी दावों या रुचियों की रक्षा करना। कानूनी अधिकार हर नागरिक को प्रभावित करते हैं, चाहे अस्तित्व ऐसे अधिकार सार्वजनिक रूप से ज्ञात हो या नहीं। संवैधानिक अधिकार। समापन समारोह के मुख्यातिथि जे एन पी जी कॉलेज लखनऊ रासायन विज्ञान विभाग विभागाध्यक्ष डॉ डीके अवस्थी रहें प्रतिपुष्टि डॉ अलका तांगड़ी, डॉ गार्गी यादव डॉ मीत कमल,डॉ अनंदिता ने किया। स्वागत प्राचार्या डॉ साधना सिंह ने संचालन डॉ अर्चना दीक्षित धन्यवाद ज्ञापन डॉ रचना प्रकाश तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में विभागीय डॉ अलका डॉ शशि डॉ प्रियदर्शिनी डॉ सोनिया रही,देश से400 लोगों ने प्रतिभाग किया।

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